हाई रिज़ॉल्यूशन वीडियो रिकॉर्डिंग में हाई-स्पीड मेमोरी कार्ड की आवश्यकता क्यों होती है?

    हाई रेजोल्यूशन रिकॉर्डिंग में वीडियो क्लियर नही आती?
    हाई रेजोल्यूशन रिकॉर्डिंग में वीडियो क्लियर नही आती?

    अक्सर आपने अपने दोस्तों को इस बात पर कभी न कभी खुश होते देखा होगा कि आपने जो 32GB की मेमोरी कार्ड ₹650 में खरीदी है, वह उन्हें उसी एक ही कंपनी की मेमोरी कार्ड महज ₹400 में ही मिल गई। लेकिन जब भी कभी वह उस मेमोरी कार्ड को लगाकर हाई resolution या 4K वीडियो शूट या प्ले करते हैं तो उस वीडियो की क्वालिटी सही नहीं रहती और उस वीडियो की एडिटिंग तथा प्रोसेसिंग में भी उन्हें टाइम लगता है।

    तो आइये अब हम बात करते है Secure digital यानी कि SD card के बारे में और क्या इसकी वजह से आपके कैमरे की वीडियो क्वालिटी पर भी असर पड़ता है तो आइए इसे जानते हैं।

    फ्लैश मेमोरी क्या है?

    फ्लैश मेमोरी वो मेमोरी है जो डाटा को अपने अंदर स्टोर किये रहती है तथा इसके लिए इन्हे किसी पॉवर सोर्स की जरूरत नहीं होती है। तो जैसे लैपटॉप तथा कंप्यूटर में इंटरनल मेमोरी में हार्ड डिस्क ड्राइव तथा SSD होते हैं तथा उसमें पेनड्राइव को flash external मेमोरी की तरह इस्तेमाल करते हैं तो उसी तरह मोबाइल में भी emmc तथा ufs टाइप की इंटरनल मेमोरी होती है तथा इसमें माइक्रो SD कार्ड को एक्सटर्नल या फ्लैश मेमोरी की तरह इस्तेमाल करते हैं।

    वैसे फ्लैश मेमोरी का एक फायदा यह है कि यह डाटा को बिना पावर सप्लाई के भी स्टोर किए रहती है तथा आप अपनी फोटो, वीडियो या फिर डॉक्यूमेंट को इस में रखकर कहीं छुपा भी सकते हैं।

    माइक्रो SD मेमोरी कितने प्रकार की होती है?

    आजकल यह मेमोरी कार्ड अपने स्टोरेज के हिसाब से चार प्रकार की आती है, जिसमें पहला सिक्योर डिजिटल SD मेमोरी है तथा दूसरा हाई क्वालिटी यानी SDHC मेमोरी है जिनकी कैपेसिटी अधिकतम 32GB तक की होती है। तीसरा extended कैपेसिटी यानी कि SDXC मेमोरी कार्ड होता है तथा चौथा अल्ट्रा कैपेसिटी यानी कि SDUC होता है इन दोनों की कैपेसिटी 32GB से शुरू होती है।

    SD card marking
    SD card marking. image source: sandisk

    बात करते हैं मेमोरी कार्ड की क्वालिटी की तो मेमोरी कार्ड तीन प्रकार से classified किए गए हैं जो कि अपने डाटा ट्रांसफर के स्पीड के हिसाब से उसमें इस्तेमाल होने वाली technology के according है, और ये तीन प्रकार speed class, UHS speed class और video speed class है।

    स्पीड क्लास (SC)

    माइक्रो मेमोरी में सबसे पुराना है है स्पीड क्लास, जो की मेमोरी कार्ड में C letter के अंदर 2, 4 ,6 या 10 लिखकर आता है और ये सिर्फ standard वीडियो क्वालिटी को ही सपोर्ट करता है। इनमें क्लास 8 टाइप कार्ड HD वीडियो को सपोर्ट करता है तथा क्लास 10 फुल एचडी वीडियो के रिकॉर्डिंग या प्लेबैक को सपोर्ट करता है।

    UHS मेमोरी कार्ड

    SD क्लास से better टाइप का मेमोरी कार्ड है अल्ट्रा हाई स्पीड यानी कि UHS स्पीड क्लास और इसकी पहचान यह है कि U के अंदर 1 या 3 लिखकर आता है जिसमें U1 टाइप मेमोरी फुल HD वीडियो के लिए तथा U3 टाइप 4k वीडियो के लिए compatible होता है।

    वीडियो स्पीड क्लास

    वीडियो स्पीड क्लास एक नए टाइप का क्लास है, जो कि UHS मेमोरी version 5.0 के ऊपर ही रेटिंग किया गया है तथा इसका मार्क मेमोरी कार्ड मे V6, V10, V30, V60 तथा V90 लिखकर आता है। इसमें V6 HD क्वालिटी ,V10 फुल HD क्वालिटी, V30 4K तथा V60 और V90, 8K वीडियो के रिकॉर्डिंग के लिए compatible है।

    speed of the memory card
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    अब मेमोरी कार्ड के स्पीड की बात करते हैं तो क्लास 2, 4, 6 की अधिकतम स्पीड 12.5 mb/sec की होती है, जबकि क्लास 10 मेमोरी की अधिकतम स्पीड 25 mb/sec तथा UHS-I मेमोरी की maximum स्पीड 104 mb/sec और UHS-II की मैक्सिमम स्पीड 312 mb/sec है। UHS-3, video speed class के हिसाब से ही characterized है, जिसमे SDUC card भी आते है जिनकी अधिकतम स्पीड 985 mb/sec है।

    मेमोरी कार्ड का वीडियो क्वालिटी से क्या लेना देना है ?

    हम इसे ऐसे समझते हैं कि रिकॉर्डिंग के लिए हम जब कैमरा ऑन करते हैं तो डिवाइस रेजोल्यूशन के हिसाब से डाटा को स्ट्रीम करता है तथा उसे मेमोरी कार्ड में write करता है। तो जैसे कि हम फुल एचडी वीडियो को रिकॉर्ड करते है तो वह 30 FPS पे 10 mb/sec की स्पीड से डाटा को write करेगा जोकि क्लास 6 या 8 तक के मेमोरी कार्ड हैंडल कर ले जाएंगे।

    video speed class
    image: sdcard.org

    लेकिन अगर हम कैमरे का मेगापिक्सल या फ्रेम को बढ़ा देते हैं, तो यह स्पीड रेट 30 mb/सेकंड की हो जाएगी जो कि ये कार्ड बिल्कुल भी इसे हैंडल करने लायक नहीं है। और इन कार्ड में जो वीडियो रिकॉर्ड होकर सेव होगी वह lag करेगी तथा उसमे ब्लैक स्पॉट आएंगे और उसकी क्वालिटी भी खराब हो जाएगी।

    इसी तरह 4K वीडियो रिकॉर्ड करने पर कैमरा लगभग 50 mb/ सेकंड की स्पीड से डाटा को स्ट्रीम करेगा जिसके लिए UHS -1 से नीचे के मेमोरी sufficient नहीं है और यही बात वीडियो प्लेबैक के लिए भी है। वैसे इन सब के अलावा मेमोरी कार्ड में एप्लीकेशन performance class A1 और A2 भी लिखा रहता है, जोकि बताता है की मेमोरी कार्ड कितने इनपुट/आउटपुट ऑपरेशन एक बार में करने की कैपेसिटी रखता है।

    इन्हीं स्पेसिफिकेशन की वजह से मेमोरी कार्ड की कीमत तय होती है तथा ज्यादा फ़ास्ट स्पीड के कारण क्लास 10 की तुलना में UHS और वीडियो क्लास वाले मेमोरी की कीमत ज्यादा होती है। वैसे जहां पर आजकल मोबाइल के कैमरे की क्वालिटी अच्छी होती जा रही है तो हमें ऐसे में हाई स्पीड मेमोरी कार्ड की आवश्यकता ही पड़ती है।

    इन सबके अलावा UFS मेमोरी कार्ड भी मार्केट में आ गए हैं लेकिन अभी स्मार्टफोन में इनकी compatibility नहीं है और फिलहाल सैमसंग के नोटबुक में ही इन्हें लगा सकते हैं।

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