सभी UFS मेमोरी वर्जन की डिटेल्स तथा eUFS मेमोरी अन्य पोर्टेबल स्टोरेज से क्यों बेहतर है?

UFS तथा eUFS मेमोरी
UFS तथा eUFS मेमोरी

UFS स्टोरेज का मेन मकसद अल्ट्रा-पोर्टेबल पीसी, स्मार्टफोन, टेबलेट तथा एंबेडेड डिवाइस में एसडी कार्ड तथा eMMC स्टोरेज को रिप्लेस करना तथा पहले से कई गुना ज्यादा डाटा ट्रांसफर स्पीड, ज्यादा स्टोरेज और सिक्योरिटी प्रोवाइड करना है।

इसके साथ ही memory के द्वारा किये जाने वाले पावर की ख़पत को कम करके डिवाइस के बैटरी को बचाना है। वैसे UFS मेमोरी होता क्या है और यह कैसे दूसरे पोर्टेबल स्टोरेज से बेहतर है, तो आइये इसे जानते है।

मैनेज्ड मेमोरी क्या है और यह पोर्टेबल डिवाइस में किस तरह इस्तेमाल होता है ?

UFS, MMC तथा SD कार्ड्स एक तरह की managed मेमोरी है, यानी कि आप इन मेमोरी से किसी पार्टिकुलर डाटा जैसे कि किसी पिक्चर आदि को save या डिलीट कर सकते हैं, लेकिन वही अगर हम अनमैनेज्ड मेमोरी से किसी एक पर्टिकुलर डाटा को डिलीट करे तो पूरी मेमोरी ही फॉर्मेट हो जाती है।

तो जिस तरह कंप्यूटर तथा लैपटॉप में हार्ड ड्राइव तथा सॉलि़ड स्टेट ड्राइव जिसे शार्ट में HDD तथा SDD कहते हैं और यह मैनेज्ड परमानेंट मेमोरी होती है, उसी तरह स्मार्टफोन, स्मार्टवॉच आदि के लिए UFS, MMC तथा SD memory आते है।

वही UFS तथा MMC जैसे non-volatile मेमोरी को गैजेट्स के अंदर, उसके सर्किट में सोल्ड कर के embaded कर दिया जाता है, जिससे यह उस डिवाइस में ROM की तरह वर्क करता है और डिवाइस के सर्किट बोर्ड में embaded होने की वजह से इनका नाम UFS तथा MMC से बदलकर eUFS तथा eMMC हो जाता है।

MMC मेमोरी का इस्तेमाल

MMC मेमोरी
MMC मेमोरी

MMC, यानी की मल्टीमीडिया कार्ड की तो इसे 1997 में unviel किया गया जो आज भी कैमरे में एक्सटर्नल सॉलिड स्टेट स्टोरेज के रूम में इस्तेमाल इस्तेमाल किया जाता है और अधिकांश कंप्यूटर में इसके लिए पोर्ट दिया रहता है। ।

यह एम्बेडेड फॉर्म में ROM के रूप में आज भी सस्ते स्मार्टफोन और गैजेट में इस्तेमाल किया जाता है, जिसमे स्नैपड्रैगन 400 तथा 600 सीरीज, स्नैपड्रैगन 810, 820 और मीडियाटेक के अधिकांश प्रोसेसर के साथ आने वाले स्मार्टफोन्स में eMMC स्टोरेज का ही इस्तेमाल किया जाता है।

eMMC मेमोरी के फ़ीचर्स

eMMC हाफ डुप्लेक्स प्रोटोकोल पे काम करता है यानी कि इसमें एक बार मे एक ही आपरेशन हो सकता है और इसमे रीड और राइट एक साथ नही हो सकते, और यह सिंगल डायरेक्शन में ऑपरेट करता है।

eMMC 3.3 वोल्ट तक के पावर को consume करता है तथा अधिकतम 250 mb/s read तथा 125 mb/s की राइट स्पीड से डेटा ट्रांसफर कर सकता है, और इसमें एक सेकंड में 11000 से ज्यादा इनपुट/आउटपुट आपरेशन नही हो सकते है, वही यह सारे स्पेसिफिकेशन 2015 में लांच हुए लेटेस्ट eMMC 5.1 के हैं।

UFS मेमोरी की ज़रूरत क्यों पड़ी ?

eMMC मेमोरी को अपडेट करने तथा इससे ज्यादा डाटा ट्रांसफर स्पीड और IOPS छमता प्राप्त करने के लिए UFS टेक्नोलॉजी पर काम किया गया, जो कि फुल डुप्लेक्स प्रोटोकॉल पर काम करता है तथा बाय-डायरेक्शन ऑपरेशन करने में सक्षम है, जिसकी वजह से यह एक साथ एक ही टाइम में रीड/राइट आपरेशन कर सकता है।

UFS मेमोरी टेक्नोलॉजी भी दो प्रकार से इस्तेमाल की जाती है इसमें पहला as a मेमोरी कार्ड जिसमे UFS version 1.0, 1.1 और 2.0 आता है दूसरा एम्बेडेड मेमोरी जोकि eUFS version जिसमे 1.0, 1.1, 2.0, 2.1, 3.0 तथा इसका लेटेस्ट वर्जन 3.1 आता है।

वैसे हम UFS मेमोरी के वर्जन को जानने से पहले सबसे पहले सीक्‍वे᠎̮न्‌श्‌ल्‌ तथा रैंडम रीड/राइट स्पीड तथा सिंगल बैंडविड्थ तथा ड्यूल बैंडविड्थ के बारे में जान लेते है, क्यूंकि हर बार इन टर्म का उपयोग होगा।

सीक्‍वे᠎̮न्‌श्‌ल्‌ तथा रैंडम रीड/राइट स्पीड

सीक्‍वे᠎̮न्‌श्‌ल्‌ रीड/राइट स्पीड किसी बड़े फाइल या फोल्डर को एक जगह से दूसरे जगह ट्रांसफर करने की स्पीड होती है। रैंडम रीड/राइट स्पीड में मेमोरी के अंदर 1 सेकंड में कितने इनपुट/आउटपुट ऑपरेशन को हैंडल करने की क्षमता है उसे कहते है और यह किसी सॉफ्टवेयर या एप्लीकेशन के इंस्टॉलेशन या उसे रन करते टाइम काम आती है।

सिंगल लेन बैंडविड्थ तथा ड्यूल लेन बैंडविड्थ

बैंडविथ मेमोरी के अधिकतम सैद्धांतिक डाटा ट्रांसफर की स्पीड को कहते है, वही सिंगल चैनल मेमोरी डाटा को सिर्फ एक डाटा चैनल से ट्रांसफर करता है, जबकि ड्यूल चैनल मेमोरी डाटा को 2 चैनल के जरिये ट्रांसफर करता है। यानी की अगर कोई मेमोरी एक चैनल से 64-बिट डाटा को ट्रांसफर करता है तो वो 2 चैनल के जरिये 128-बिट डाटा को ट्रांसफर करेगा।

आप इसे बिल्कुल इस तरह से समझ सकते है की आप अगर अपना माल एक गाडी के बदले 2 गाडी से भेजेंगे तो आप एक बार में ही दुगने माल की सप्लाई कर पाएंगे। इसी तरह डबल लेन बैंडविड्थ, सिंगल लेन बैंडविड्थ की तुलना में दुगनी गति से डाटा को ट्रांसफर करेगा।

UFS मेमोरी वर्जन्स

eUFS 3.1
eUFS 3.1 (image source: Samsung.com)

UFS मेमोरी पोर्टेबल गैजेट्स में एम्बेडेड रूप में इस्तेमाल हो रहे है, जिसे eUFS नाम से भी जाना जाता है और इनके अभी तक 6 वर्जन आ चुके है जोकि इस प्रकार है:

UFS 1.0

तो इनमे सबसे पहले 2011 में eUFS 1.0 आया जिसे UFS 1.0 के नाम से ही जाना जाता है, और ये 16, 32 तथा 64 GB के स्टोरेज ऑप्शन में आया, जिसकी सीक्‍वे᠎̮न्‌श्‌ल्‌ रीडिंग स्पीड 250 mb/s की तथा राइटिंग स्पीड 75 mb/s की थी वही इसकी रैंडम रीडिंग स्पीड 10000 IOPS तथा राइटिंग स्पीड 2500 IOPS तक थी।

UFS 1.1

UFS version 1.0 के जस्ट अगले साल इसका अपडेटेड वर्जन UFS 1.1 आया जिसमे कुछ इंप्रूवमेंट किए गए लेकिन यह दोनों वर्जन अभी किसी स्मार्टफोन में इस्तेमाल नहीं किए गए, वही यह सिंगल लेन के साथ आया जिसकी मैक्सिमम बैंडविथ 300 mb/s की थी।

UFS 2.0

सन् 2013 में यूएफएस 2.0 को लांच किया गया जोकि डबल लेन वाला मेमोरी था जिसके सिंगल लेन की बैंडविथ स्पीड 600 mb/s तथा डबल लेन बैंडविथ स्पीड 1200 mbps थी। UFS version 1.1 की तुलना में लिंक बैंडविथ के अलावा सिक्योरिटी फीचर्स एक्सटेंशन और एडिशनल पावर सेविंग फीचर्स आदि को जोड़ा गया।

वही इसे commercially सबसे पहले 2015 में सैमसंग ने अपने गैलेक्सी S6 स्मार्टफोन में इस्तेमाल किया। यानी कि ये टेक्नोलॉजी महज 6 साल पहले आई और इसमें लगातार इंप्रूवमेंट हो रहे हैं।

UFS 2.1

इसके बाद 2016 में UFS version 2.0 में ही सिक्योरिटी को इंप्रूव किया गया तथा इंक्लाइंड क्रिप्टोग्राफिक ऑपरेशन को ऐड किया गया, और UFS वर्जन 2.1 के नाम से इंट्रोड्यूस किया गया तथा UFS 2.1 आज भी अधिकांश मिड रेंज स्मार्टफोन में इस्तेमाल किया जा रहा है ।

UFS 3.0

2018 में यूएसएस टेक्नॉलोजी में वर्जन 3.0 के साथ मेजर इम्प्रूवमेंट हुआ और इसकी स्पीड कई गुना बढ़ गई। UFS 3.0 में सीक्‍वे᠎̮न्‌श्‌ल्‌ रीड स्पीड 2.1 Gb/s तथा राइट स्पीड 410 mb/s हो गयी, वही इसकी एप्लीकेशन तथा गेमिंग को हैंडल करने वाली रेंडम रीड स्पीड 68000 IOPS तथा रैंडम राइट स्पीड 63000 IOPS पहुँच गयी।

इसके सिंगल लेन की बैंडविड्थ 1450 mb/s, वही इसके दोनों लेन की बैंडविड्थ मिला कर देखे तो 2.9Gb/s की स्पीड हो गयी, जिससे कि इसकी वजह से गैजेट्स की गेमिंग परफॉरमेंस काफी अच्छी हो गयी।

UFS 3.1

UFS का सबसे लेटेस्ट वर्जन 3.1, साल 2020 में आया जिसमे बैंडविड्थ तथा नंबर ऑफ लेन अपने पुराने version 3.0 के बराबर ही रहा लेकिन इसमें राइट बूस्टर को ऐड किया गया जिससे इसकी राइट स्पीड बढ़ गई।

इसमे परफॉर्मेंस थ्रोटलिंग नोटिफिकेशन को भी जोड़ा गया जिससे यह होस्ट को ओवर टेंपरेचर की स्थिति में परफॉर्मेंस के कम होने की जानकारी देता है, तथा इसके साथ ही इस version में आइडियल मोड आदि भी ऐड किया गया है।

UFS स्टोरेज की मैक्सिमम कैपेसिटी 16 TB तक होती है तथा यह 0.2 वोल्ट से 0.4 वोल्टस तक के बीच मे पावर consumption करता है, यानी कि UFS स्टोरेज हर मामले में eMMC स्टोरेज की comprision में सुपीरियर है।

UFS मेमोरी का स्मार्टफोन्स में इस्तेमाल

UFS मेमोरी का स्मार्टफोन में इस्तेमाल की बात करे तो UFS version 2.0 स्नैपड्रैगन 820, 821, kririn 950, 955 तथा Samsung के एक्सिनोस 7420 प्रोसेसर्स के साथ आने वाले स्मार्टफोन के साथ कंपेटबले रहे है और इनके साथ इम्पलीमेंट किये गए।

UFS 2.1 स्नैपड्रैगन 700 सीरीज तथा स्नैपड्रैगन 835 से लेकर 850 के बीच वाले प्रोसेसर्स, किरिन 960,970 तथा एक्सिनोस 9609, 9610, 9611, 9810 तथा 990 के अलावा मीडियाटेक G90 processors के साथ इम्पलेमेंट किया गया।

UFS वर्जन 3.0 स्नैपड्रैगन 855 और 865 प्रोसेसर्स के अलावा, एक्सिनोस 9820/9825 तथा किरिन 990 वाले प्रोसेसर्स के साथ इम्पलेमेंट किया गया है तथा इसे स्नैपड्रैगन के पुराने 835 तथा 845 प्रोसेसर भी इसे सपोर्ट करते है।

"UFS 3.0 के साथ आने वाला पहला स्मार्टफोन वनप्लस 7 तथा वनप्लस 7 प्रो था तथा यह स्मार्टफोन सबसे पहले स्नैपड्रेगन 855 के साथ लांच हुए थे।"

लेटेस्ट यूएफएस 3.1 की बात करें तो यह स्नैपड्रेगन 865 और 888 के साथ इंप्लीमेंट किए गए हैं तथा भविष्य के प्रोसेसर्स के साथ आएंगे।

UFS फ़्लैश स्टोरेज

eUFS के अलावा UFS मेमोरी कार्ड भी आते हैं जिन्हें सैमसंग ने 2016 में अनाउंस किया है जो कि सिंगल बैंडविथ को सपोर्ट करते हैं। यूएफएस मेमोरी कार्ड वर्जन 1.0 तथा 1.1 की मैक्सिमम बैंडविड्थ स्पीड 600 mb/s तथा 2018 में इंट्रोड्यूस हुए वर्जन 2.0 की मैक्सिमम बैंडविड्थ स्पीड 1.2 Gb/s है।

अभी के स्मार्टफोन में UFS मेमोरी कार्ड सपोर्ट नही करते लेकिन शायद यह हमे सैमसंग के लेटेस्ट फ्लैगशिप स्मार्टफोन में जल्द ही देखने को मिलेंगे।

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